🔴 भूकंप का केंद्र: रूस का कमचटका प्रायद्वीप
29 जुलाई की रात और 30 जुलाई 2025 की सुबह, रूस के कमचटका प्रायद्वीप के पास समुद्र में 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जो पिछले कई दशकों में उस क्षेत्र में सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जा रहा है।
इस भूकंप के बाद पूरे प्रशांत महासागर क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी की गई। लहरों की ऊँचाई रूस और जापान के कुछ तटीय क्षेत्रों में 4 से 5 मीटर तक पहुंच गई।
रूस: पूर्वी तट पर कहर
- सेवेरो-कुरिल्स्क, परामुशिर द्वीप और कमचटका के तटीय क्षेत्रों में भारी लहरों के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा।
- स्थानीय प्रशासन ने समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जिससे जान-माल की भारी हानि टल गई।
- फिर भी, दर्जनों घर और व्यवसायिक प्रतिष्ठान जलमग्न हो गए, और बिजली व इंटरनेट सेवाएं घंटों तक बाधित रहीं।
जापान: 19 लाख लोगों को किया गया सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित
- जापानी मौसम एजेंसी (JMA) ने देश के पूर्वी तटीय इलाकों—जैसे कि होक्काइडो, फुकुशिमा, और टोहोकू क्षेत्रों में सुनामी अलर्ट जारी किया।
- कुछ स्थानों पर लहरें 2.5 से 3 मीटर तक ऊँची थीं, जिससे कई मछली पकड़ने वाली नौकाएं और समुद्री किनारे के घर प्रभावित हुए।
- लगभग 19 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया, और ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गईं।
अमेरिका (हवाई और पश्चिमी तट): सतर्कता और हल्की तबाही
- हवाई द्वीप समूह में लगभग 1.2 मीटर ऊँची लहरें दर्ज की गईं, जिससे समुद्र तटों को खाली करवाया गया और कुछ उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
- कैलिफोर्निया, ओरेगन, और वॉशिंगटन राज्यों के तटीय क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन वहाँ लहरें 0.5 मीटर से अधिक नहीं थीं और कोई विशेष नुकसान नहीं हुआ।
अन्य प्रशांत देश और द्वीप समूह
- फिलीपींस, इंडोनेशिया, और पापुआ न्यू गिनी जैसे देशों में भी सुनामी अलर्ट जारी किया गया था।
- हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में लहरें अपेक्षाकृत छोटी थीं, लेकिन प्रशासन ने सतर्कता बरती और लोगों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी।
नुकसान और राहत कार्य
- पूरे क्षेत्र में सैकड़ों करोड़ डॉलर का आर्थिक नुकसान आंका गया है, विशेष रूप से रूस और जापान में।
- कई अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों और स्थानीय सरकारों ने भोजन, दवा और आपातकालीन सहायता पहुंचाना शुरू कर दिया है।
- वैज्ञानिकों का कहना है कि यह भूकंप और सुनामी “सुभाग्यवश सीमित जनहानि वाला आपदा” रहा, क्योंकि चेतावनियाँ समय रहते जारी कर दी गईं थीं।
निष्कर्ष
29 और 30 जुलाई 2025 को आई यह सुनामी एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी अनिश्चित और शक्तिशाली हो सकती हैं। हालांकि इस बार जनहानि कम रही, परंतु पर्यावरणीय और आर्थिक दृष्टि से नुकसान बहुत बड़ा है।
इस आपदा से निकली सीख:
- समय पर चेतावनी और तकनीकी तैयारी से जान बचाई जा सकती है।
- तटीय क्षेत्रों में रहने वालों को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण देना आवश्यक है।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझा सूचना प्रणाली से भविष्य में ऐसी आपदाओं से बेहतर निपटा जा सकता है।